मुजफ्फरपुर, जून 2 -- सकरा,हिन्दुस्तान संवाददाता। हरिहर क्षेत्र गजेंद्र मोक्ष पीठाधीश्वर जगद्गुरुरामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य ने कहा कि जीव को बिना ईश्वर की शरण में गए मुक्ति संभव नहीं है। वे बरियारपुर थाना क्षेत्र के सकरा फिरोजपुर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में व्यासपीठ से बोल रहे थे। उन्होंने कर्दम देवहूति के विवाह प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इंद्रियों को जो वश में रखे, वही कर्दम है। देवताओं को बुलाने वाली शक्ति का नाश देवहूति है। जीव जब तक माया में रहता है, तबतक उसे ठाकुर की कृपा नहीं होती, जैसे ही वह माया त्यागकर भगवान के शरण में जाता है, उसे परमात्मा की कृपा हो जाती है। यह भी पढ़ें- 'ईश्वर की शरण के बिना जीव को मुक्ति संभव नहीं' बताया कि पत्नी को कभी एकवचन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। पति रथ है पत्नी रथी। सो...