लखनऊ, जुलाई 13 -- रजनीश रस्तोगी, वरिष्ठ संवाददाता। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने डॉक्टरों को इलाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी आधुनिक तकनीक अपनाने की सलाह दी, लेकिन साथ ही साफ कहा कि तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, वह मरीज के मन की पीड़ा और भावनाओं को नहीं समझ सकती। मरीज को स्नेह और अपनापन सिर्फ डॉक्टर ही दे सकता है, इसलिए दवा के साथ-साथ व्यवहार में भी हीलिंग टच होना चाहिए। रक्षामंत्री सोमवार को केजीएमयू के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की पहचान केवल उसके ज्ञान से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से होती है। मरीज डॉक्टर के ज्ञान पर भरोसा करता है, लेकिन उसके स्नेह, आत्मीयता और अपनेपन को जीवनभर याद रखता है। रक्षामंत्री ने कहा कि कई मरीज डॉक्टरों को सफेद कोट में देखकर ही घबरा जाते ...