नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- देशभर में आवासीय इलाकों को अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग में बदले जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। इसे गंभीरता से लेते हुए, शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को नियमों की अनदेखी कर अवैध तरीके से आवासीय इलाकों को व्यावसायिक उपयोग के लिए बदले जाने की जांच करने का आदेश दिया है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि हमारे सामने ऐसे मामले भी आ रहे हैं, जिनमें रिहायशी कॉलोनियों, रिहायशी इमारतों और जमीन का कमर्शियल मकसद से बिना इजाजत इस्तेमाल करके कमर्शियल इलाकों में बदला जा रहा है। ऐसी हरकतें न सिर्फ कानून और जनहित के खिलाफ हैं, बल्कि उन असली निवासियों के लिए भी बड़ी परेशानी और नुकसान का सबब बनती हैं, जिन्होंने संपत्ति खरीदने और अपने घर बनाने में काफी पैसा लगाया। पीठ ने कहा ...