नई दिल्ली, मई 25 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वैवाहिक विवादों में केवल सामान्य और बिना ठोस तथ्यों पर आधारित आरोपों के आधार पर पति के हर रिश्तेदार के खिलाफ आपराधिक मामला शुरू नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने कहा कि हालांकि असफल विवाह में शिकायतकर्ता की पीड़ा को हल्के में नहीं लिया जा सकता, लेकिन केवल सामान्य और अस्पष्ट आरोपों के आधार पर पति के हर रिश्तेदार के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करना उचित नहीं है। अदालत ने कहा कि घरेलू हिंसा की पीड़िताओं के अधिकार और गरिमा की रक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि बिना स्पष्ट तथ्यात्मक आधार के आपराधिक कानून का दायरा हर परिवार के सदस्य तक न बढ़ाया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि जब वैवाहिक संबंध खराब हो जाते हैं और उनमें कड़व...