नई दिल्ली, जनवरी 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के तर्कों को खारिज कर दिया। अदालत ने इसे पूरी तरह से वास्तविकता से कटा हुआ करार दिया। एससी ने उनके वकील की ओर से दिए गए उदाहरणों को एक-एक कर खारिज करते हुए कहा, 'सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों की मौजूदगी को महिमामंडित करने की कोशिश न की जाए।' एम्स परिसर में वर्षों से रह रहे एक कुत्ते गोल्डी के उदाहरण पर कोर्ट ने यह टिप्पणी की। बेंच ने कहा, 'आप वास्तविकता से पूरी तरह अलग हैं। अस्पतालों में इन कुत्तों को महिमामंडित न करें।' कोर्ट ने चेतावनी दी कि सड़क पर रहने वाले किसी भी कुत्ते में टिक्स होने की संभावना होती है, जो अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों में गंभीर हो सकते हैं। यह भी पढ़ें- कमिश्नर के पास शिकायत लेकर गया, FIR नहीं हुई तो पुलिसकर्मी क...