आजमगढ़, जनवरी 21 -- आजमगढ़, संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवां के वैज्ञानिकों ने सरसों की नई प्रजाति 'आजाद महक' पर शोध शुरू किया है। इस नई प्रजाति की सरसों से किसानों की दशा में सुधार होगा। कृषि वैज्ञानिक इस प्रजाति के सरसों का बीज तैयार कर रहे हैं। इससे उत्पादन सामान्य सरसों के मुकाबले अधिक मिलेगा। तेल का प्रतिशत भी अधिक होगा। जनपद के किसान किसान रबी के सीजन में गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों की खेती प्रमुख रूप से करते हैं। सबसे अधिक गेहूं की फसल करीब 2.33 लाख हेक्टेयर में लगाई जाती है। दूसरे नंबर पर सरसों की खेती है। करीब 17 हजार हेक्टेयर में जनपद के किसान सरसों की खेती करती है। किसानों को कृषि विभाग की ओर से अनुदान पर बीज दिया जाता है। इसके साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को उन्नत किस्म का बीज उपलब्ध कराता है। इसके तहत कृषि विज्ञान के...
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