'आचार्य द्विवेदी के तुलसी' पर साहित्यकारों में विमर्श
वाराणसी, अगस्त 18 -- वाराणसी। तुलसी जयंती की पूर्व संध्या पर बीएचयू के मुक्ताकाशीय मंच 'पुलिया प्रसंग' में 'आचार्य द्विवेदी के तुलसी' विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह संयोग है कि गोस्वाती तुलसीदास और प्रख्यात साहित्यकार आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की जयंती 19 अगस्त को है। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि आचार्य द्विवेदी ने तुलसी के आत्मसंघर्ष की पहचान की। आचार्य द्विवेदी ने खुद के लिए तुलसी को खोजा। इसलिए वे भले ही वैचारिक स्तर पर कबीर के साथ थे, लेकिन मन से तुलसी के करीब थे। प्रो. शुक्ल ने तुलसी और आचार्य द्विवेदी के काशीस्थ स्वभाव पर भी विस्तार से बात की। यह भी पढ़ें- तुलसी जयंती पर आज, होंगे सास्कृतिक कार्यक्रम आलोचक डॉ. विंध्याचल यादव ने कहा कि आचार्य द्विवेदी ने हमेशा तुलसीदास को एक भविष्यद्रष्टा के र...
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