नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2009 में टेक्सास के फोर्ट हूड में गोलीबारी करने वाले सेना के मेजर निदाल मलिक हसन को गोली मारकर मौत की सजा को मंजूरी दे दी है।अमेरिकी सेना ने 1961 के बाद से किसी को भी मौत की सजा नहीं दी है। अमेरिकी सेना के मुख्यालय 'पेंटागन' के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि सैन्य मामलों के मंत्री मृत्युदंड के समय और स्थान का फैसला करेंगे।13 लोगों की कर दी थी हत्या पार्नेल ने लिखा, 'आखिरकार हसन के लिए फैसले का दिन आ गया है।' सेना में मनोचिकित्सक के पद पर कार्यरत हसन ने एक चिकित्सा भवन में घुसकर ''अल्लाहु अकबर'' का नारा लगाते हुए लेजर युक्त पिस्तौल से गोलीबारी शुरू कर दी थी, जहां सैनिकों की चिकित्सीय जांच हो रही थी। इस घटना में 13 लोग मारे गए और 30 से अधिक घायल...