नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- अयोध्या में जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि 'सामाजिक प्रभाव आकलन' (एसआईए) को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। हालांकि शीर्ष अदालत ने यह चेतावनी दी कि इसे राज्य के लिए 'गले की फांस' भी नहीं बनने देना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अयोध्या में विकास परियोजनाओं के लिए करीब 450 एकड़ जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए यह टिप्पणी की। इससे पहले सरकार और जमीन मालिकों की ओर से पेश वकीलों के बीच तीखी नौकझोंक भी हुई। अधिग्रहण का विरोध करते हुए जमीन मालिकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने पीठ के समक्ष इस बात पर जोर दिया कि इसका इलाके के किसानों पर क्या असर पड़ सकता है।...