नई दिल्ली, जुलाई 5 -- दिल्ली की एक अदालत ने मलेशिया का कथित फर्जी वीजा रखने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ पासपोर्ट एक्ट के तहत आरोप तय करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि ऐसा कोई आरोप नहीं है कि उसने कभी मलेशिया की यात्रा की या उस वीजा में कोई फर्जीवाड़ा किया था। अदालत ने कहा कि आपराधिक अदालत ''अटकलों का मंच नहीं है। यह ऐसा मंच है, जहां आरोप तय करने के शुरुआती चरण में भी अभियोजन के पास ऐसे साक्ष्य होने चाहिए, जो प्रथम दृष्टया किसी विचारणीय अपराध का आधार प्रस्तुत करते हों।'' अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर, पलविंदर सिंह की रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई कर रहे थे। पलविंदर सिंह ने मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा 29 जनवरी 2026 को पारित उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ पासपोर्ट एक्ट के तहत आरोप तय किए गए थे...