नई दिल्ली, अगस्त 19 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में एक बार फिर से दोहराया है कि 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत गठित ट्रिब्यूनल के पास वरिष्ठ नागरिक की संपत्ति से उनके बच्चों को बेदखल करने का आदेश देने का अधिकार है। शीर्ष अदालत ने कहा कि ट्रिब्यूनल माता-पिता के भरण-पोषण, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए ऐसी बेदखली जरूरी समझे, आदेश पारित कर सकती है।

मामले का विवरण जस्टिस पीएस नरसिम्हा और ‌आलोक अराधे की पीठ ने कहा है कि '...हमें यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि इस कानून के तहत गठित ट्रिब्यूनल के पास वरिष्ठ नागरिक के भरण-पोषण या सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बेदखली का आदेश देने की शक्ति है।' पीठ ने यह फैसला रवि कांत गुप्ता की ओर से दाखिल अपील का न...