एटा, मई 25 -- ​राजा का रामपुर,कस्बा के हनुमान गढ़ी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन कथाव्यास प्रकाश नारायण द्विवेदी ने भगवान कृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा चरित्र कथा सुनायी।जिसे सुनकर पाण्डाल में मौजूद हर आंख नम हो गई। श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। ​कथाव्यास ने सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मित्रता में ऊंच-नीच, अमीरी-गरीबी का कोई स्थान नहीं होता। जब सुदामा द्वारिका पहुंचे तो भगवान कृष्ण ने मर्यादा और लोक-लाज को छोड़कर नंगे पैर दौड़कर अपने सखा को गले लगाया। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ प्रेम और सच्ची भक्ति ही ईश्वर को पाने का एकमात्र साधन है। सच्ची मित्रता और निस्वार्थ भक्ति ही ईश्वर का रूप है। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु कृष्ण-सुदामा का मिलन हमें सिखाता है कि सम...