मेरठ, अप्रैल 9 -- मेरठ। मेरठ के आवास विकास परिषद की ओर से कॉलोनियों में अवैध निर्माण और भू-उपयोग परिवर्तन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संपत्ति मालिकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित की है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिन भवनों को सील किया गया है, उनके मालिकों को 15 दिनों के भीतर अपने सेटबैक से अवैध निर्माण हटाना होगा। यह नियम अन्य सभी अवैध निर्माणों पर भी लागू होगा। यदि तय समय सीमा (15 दिन) के भीतर आवंटी स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं, तो आवास विकास परिषद बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त करेगा। परिषद द्वारा की जाने वाली तोड़फोड़ की कार्रवाई में जो भी खर्च आएगा, उसका भुगतान संबंधित आवंटी को ही करना होगा। ​सरकार को पेश करनी होगी पॉलिसी ​कोर्ट ने भू-उप...