दरभंगा, अप्रैल 2 -- दरभंगा,। जिले में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना कुत्तों का शिकार होकर तीन दर्जन से अधिक मरीज इलाज के लिए डीएमसीएच के पीएसएम विभाग पहुंच रहे हैं। इनमें से कई ऐसे मरीज शामिल रहते हैं जिन्हें गंभीर (कैटेगरी-थ्री) जख्म होता है। चिकित्सक उन्हें टेटवैक और एंटी रेबीज वैक्सीन के अलावा मानव रेबीज इम्युनो ग्लोबुलिन ( ह्यूमन इम्युनो ग्लोबलिन) लेने की सलाह देते हैं। महीनों से पीएसएम विभाग में ह्यूमन इम्युनो ग्लोबलिन उपलब्ध नहीं रहने से जिले से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मरीजों के बीच हाहाकार मचा हुआ है। मजबूरन कई मरीज बाजार से हॉर्स (घोड़ा) इम्युनो ग्लोबुलिन खरीदकर अपना इलाज कर रहे हैं। अन्य मरीज राशि के अभाव में वहां से इसे लिए बिना ही लौटने की मजबूर हैं। नोडल सेंटर होने के कारण पड़ोसी जिलों से भी मरीजों को...
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