जमशेदपुर, मार्च 8 -- 8 मार्च को पूरी दुनिया में महिलाओं के सम्मान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है, लेकिन आज भी समाज में कई महिलाओं को उनका उचित सम्मान नहीं मिल पाता। कुछ महिलाएं जीवन में आने वाली कठिनाइयों से निराश होकर हार मान लेती हैं, जबकि कुछ ऐसी भी हैं जो लाख दुख, कष्ट और अवसाद सहने के बाद भी खुद को संभालकर खड़ी हो जाती हैं। यही महिलाएं दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। इन महिलाओं की संघर्षगाथा देखकर अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने की हिम्मत मिलती है। विश्व महिला दिवस के अवसर पर आज हम ऐसी ही तीन महिलाओं की कहानी जानेंगे, जिन्होंने जीवन में आने वाली मुश्किलों का डटकर सामना किया और आज घर की दहलीज पार कर समाज में दूसरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।कई साल अवसाद में रहने के बाद अब महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ रहीं: निशात...
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