हरिद्वार, फरवरी 23 -- शिवालिकनगर में कुमाउनी एकता समिति के होली मिलन समारोह में समृद्ध लोक संस्कृति झलकी। सोमवार को इसका शुभारंभ प्रखर कथावाचक स्वामी हरिचेतानंद और मां संतोषी माता ने किया। मां संतोषी माता ने कहा कि संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है। समाज जितना संगठित होगा, उतना ही सशक्त बनेगा। उन्होंने कि जैसे मजबूत रस्सी से कुएं से पानी निकाला जाता है, वैसे ही एकजुट समाज बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकता है। उन्होंने कुमाउनी समाज के लिए हरिद्वार में सांस्कृतिक केंद्र की पैरवी भी की। स्वामी हरिचेतानंद ने कहा कि वर्तमान समय संचय का नहीं, बल्कि सेवा और सहयोग का है। समाज को ऐसा कोष बनाना चाहिए, जिससे जरूरतमंद परिवारों की समय पर सहायता हो सके। आखिर में सबने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.