कटिहार, मार्च 2 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि फागुन की हवा ने जिले में त्योहार की धड़कन तेज कर दी है। 4 मार्च को होली है और उससे पहले ही जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंडों तक बाजार रंग, गुलाल, पिचकारी और मुखौटों से पट चुके हैं। शहर के चौक-चौराहों पर सजी अस्थायी दुकानों और स्थायी बाजारों में खरीदारों की भीड़ सुबह से देर शाम तक उमड़ रही है। गांवों की गलियों तक फगुआ गीतों की गूंज पहुंच रही है। व्यापारियों का अनुमान है कि इस बार रंग-गुलाल के कारोबार में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। कटिहार से आसपास के बाजारों में भी रंग और अबीर की आपूर्ति की जा रही है, जिससे थोक कारोबार में भी तेजी आई है। रासायनिक रंगों से परहेज करते हुए लोग हर्बल गुलाल की ओर अधिक रुझान दिखा रहे हैं। प्राकृतिक रंगों और 'मेड इन इंडिया' उत्पादों की मांग प्रमुखता से बढ़ी ह...