बुलंदशहर, मार्च 2 -- 16 वीं शताब्दी से पुत्र प्राप्ति की मनोकामना को लेकर नव विवाहिताएं स्वामी दीनदयाल बाबा की समाधि पर माथा टेकने के लिए दुलहेड़ी के दिन मंदिर में प्रसाद चढ़ाने आती हैं। मंदिर में निशुल्क मिलने वाले काले धागे व खसरे की दवा पिलाने का प्रचलन भी आधुनिकता के दौर में कम नहीं हो रहा है। नगर के मोहल्ला मदार गेट स्थित स्वामी दीनदयाल बाबा का मंदिर 16वीं शताब्दी के में निर्माण किया गया था। मानता है, कि जो भी व्यक्ति पुत्र की कामना लेकर बाबा के दरबार में प्रसाद चढ़ाने आता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। इसके साथ ही अनेक प्रकार की भूत-प्रेत वधओं से बचने, बच्चों के डरने आदि समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए मंदिर में काला धागा भी दिया जाता है। इस गले में पहनने से समस्याओं से छुटकारा मिलता है। पिछले कुछ वर्षों से आर्य समाज के बैनर तले न...
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