रुडकी, मार्च 3 -- होली के पावन पर्व पर मंगलवार को आर्य समाज रामनगर में आचार्य बिहारी लाल के नेतृत्व में वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ किया गया। यज्ञ में राजकुमार और उनकी पत्नी ममता यजमान रहे। आचार्य बिहारी लाल ने कहा कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष मनुष्य जीवन के चार आधार हैं, जिनकी प्राप्ति के लिए यज्ञ का विशेष महत्व है। कहा कि भारतीय संस्कृति यज्ञमय रही है। वैदिक काल में नई फसल प्राप्त होने पर अग्नि प्रज्वलित कर देवताओं को अर्पित किया जाता था, जिसे होला कहा जाता था। फसल का अंश गुरुकुल, आचार्यों और धर्मस्थलों को भी समर्पित किया जाता था।

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