इटावा औरैया, मार्च 6 -- इटावा। होली के बाद भी फाग गायन का सिलसिला जारी है। क्षेत्र के ग्राम पडरपुरा में घर-घर जाकर फाग गाने की परंपरा पूरे उत्साह और उमंग के साथ निभाई जा रही है। गांव के युवक, बुजुर्ग और बच्चे टोलियां बनाकर ढोलक-मंजीरे की थाप पर पारंपरिक फाग गाते हुए हर गली और हर घर तक पहुंचते हैं। फाग गाते हुए जब टोलियां किसी घर के दरवाजे पर पहुंचती हैं तो परिवार के लोग उनका स्वागत करते हैं। इस दौरान एक-दूसरे पर रंग और गुलाल डालकर होली की शुभकामनाएं दी जाती हैं। घरों में पहुंचने वाली फाग मंडलियों को मिठाई, गुजिया और अन्य पकवान खिलाकर स्वागत किया जाता है। इससे पूरे गांव में त्योहार जैसा उल्लासपूर्ण माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। गांव के लोग देर रात तक ढोलक की थाप पर होली के पारंपरिक गीत गाकर आपसी भ...