गंगापार, फरवरी 28 -- रंग और उमंग का पर्व होली जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, कस्बे के बाजारों में रौनक बढ़ती जा रही है। उरुवा क्षेत्र के बाजारों में रंग, गुलाल, पिचकारी के साथ-साथ मिठाइयों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ने लगी है। होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि मिठास और आपसी भाईचारे का भी प्रतीक है। इस पर्व पर गुझिया का विशेष महत्व होता है। हर घर में गुझिया बनाने की परंपरा है और इसके लिए खोवा (मावा) की मांग अचानक बढ़ जाती है। मांग बढ़ते ही बाजार में खोवा की खपत कई गुना हो जाती है। जिससे मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। सस्ते दामों पर नकली या मिलावटी खोवा बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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