प्रतापगढ़ - कुंडा, मार्च 6 -- अनेकता में एकता को पिरोती भारतीय संस्कृति, संस्कारों की परम्परा है। होली की इस धार्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक परम्परा को जीवंत बनाए रखना युवाओं की जिम्मेदारी है। ये बातें सिद्ध पीठ मां ज्वाला देवी मंदिर पर आयोजित होली मिलन समारोह में पूर्व शिक्षक श्यामलाल वर्मा ने कही। होली समारोह की शुरुआत फाग पार्टी में मां ज्वाला देवी के चरणों में सुमिरन करुं आज भवानी गीत के प्रस्तुत किया। श्याम होरी मचाए बिरज मां, होली खेलै रघुबीरा अवध मां, मोहन धरे अंहै रुप जनाना, अरै हो तौ चूड़ी बेंचयं शहर बरसाना आदि जैसे चौताल, डेढ़ताल, उलार, कटपीसों के साथ घंटों फाग गीतों के रंग में सभी को सराबोर किया। कार्यक्रम के आयोजक विमल पाण्डेय के निर्देशन में सभी एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर गले मिले और बधाइयां दी, गुझिया, ठंढाई, शरबत का आनंद लिया। इस...
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