अलीगढ़, फरवरी 18 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। इस बार होलिका दहन को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। 3 मार्च को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण के चलते भ्रम बन गया है कि होलिका दहन कब होगा और होली कब खेली जाएगी। हालांकि रंगभरी होली चार मार्च को ही खेली जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो लेकिन भद्रा मध्य रात से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के बाद जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना उचित रहता है। भद्रा मध्य रात तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पुच्छ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। लेकिन भद्रा मुख में होलिका दहन नहीं करना चाहिए। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को पूर्णिमा ति...