मुरादाबाद, मार्च 5 -- पाकबड़ा। नगर में रंगों की जगह फूलों से होली खेली गई। प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता का संदेश देती 'फूलों की होली' ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कल्कि पीठाधीश्वर जगदगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम थे। इस मौके आयोजित धर्म सभा को को सम्बाधित करते हुए आचार्य ने कहा की होली का वास्तविक अर्थ है मन के विकारों को त्यागकर प्रेम और सद्भाव को अपनाना है। इसके बाद जुलूस की शुरूआत की गई। जुलूस में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने मिलकर एक-दूसरे पर पुष्पवर्षा की और भाईचारे का संदेश दिया। रासायनिक रंगों से रहकर फूलों से होली खेलने की यह परंपरा पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी सशक्त संदेश दिया। इस मौके पर आयोजक प्रमोद गुप्ता, अशोक गुप...
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