भागलपुर, फरवरी 26 -- भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। होलिका दहन को लेकर मारवाड़ी समाज में पारंपरिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। समाज के लोग गाय के गोबर से विशेष आकृतियां बना रहे हैं, जिन्हें बड़कुल्ला कहा जाता है। चांद झुनझुनवाला ने बताया कि बड़कुल्ला बनाने की परंपरा वर्षों पुरानी है। इसमें मुख्य रूप से होलिका माता, भक्त प्रहलाद, ढाल, खिलौने सहित अन्य धार्मिक प्रतीक बनाए जाते हैं। इन आकृतियों को बनाने की तिथि और विधि भी निर्धारित रहती है, जिसके अनुसार इसकी शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि हर मारवाड़ी परिवार अपने घर में गाय के गोबर से बड़कुल्ला तैयार करता है। होलिका दहन के दिन परिवार के सदस्य इसे सावे की रस्सी से लकड़ी के साथ बांधकर दहन स्थल तक ले जाते हैं और पूजा-अर्चना के बाद अग्नि में समर्पित कर देते हैं। राख ठंडी होने पर परिवारजन एक-द...
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