नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बड़ी चुनौती बन गई है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद इस संकरे जलमार्ग से यातायात काफी कम हो गया था, लेकिन भारत ने कूटनीतिक प्रयासों और नौसेना की मदद से अपने झंडे वाले 8 जहाजों को होर्मुज से गुजार लिया है। यह संख्या किसी भी देश के लिए युद्ध शुरू होने के बाद सबसे अधिक में से एक है। इन जहाजों में LPG कैरियर शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस, जग वसंत, ग्रीन सान्वी, बीडब्ल्यू टायर, बीडब्ल्यू एल्म और क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी शामिल हैं। ये जहाज भारत के विभिन्न बंदरगाहों जैसे मुंद्रा, कांडला, मुंबई और न्यू मंगलौर की ओर जा रहे थे, जिनमें एलपीजी और क्रूड ऑयल जैसी ऊर्जा सामग्री लदी हुई थी। यह भी पढ़ें- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब बाब अल-मंदेब पर ईर...