नई दिल्ली, अप्रैल 29 -- कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका- ईरान के बीच जब तक शांति वार्ता ठप है तब तक समुद्री मार्ग होर्मुज को मोलभाव का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अली अंसारी ने बुधवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता में ये बात कही। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका- ईरान के बीच मतभेद कम करने के प्रयास लगातार अटक रहे।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम जलमार्ग अल-अंसारी ने जोर देकर कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम इस जलमार्ग को भू-राजनीतिक दबाव से दूर रखना जरूरी है खासकर तब जब क्षेत्रीय मध्यस्थ बातचीत को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की मुख्य धुरी है। कतर की यह अपील ऐसे समय आई...