विकासनगर, अप्रैल 2 -- अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने होम लोन बकाया मामले में वित्तीय संस्था के पक्ष में फैसला सुनाया है। न्यायालय के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि शंकर मिश्रा ने इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड की याचिका स्वीकार कर ली। मामला सरफेसी ऐक्ट 2002 के तहत दायर किया गया था। वित्तीय संस्था के अनुसार, शेरपुर निवासी केशा देवी, पवन पाल और मांगेराम ने करीब 15.08 लाख रुपये का होम लोन लिया था और इसके बदले अपनी संपत्ति बंधक रखी थी। आरोप है कि ऋणधारकों ने समय पर किस्तों का भुगतान नहीं किया, जिसके चलते 10 जून 2025 को खाते को एनपीए घोषित कर दिया गया। इसके बाद नियमानुसार नोटिस जारी किए गए और समाचार पत्रों में प्रकाशन भी कराया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार 17 सितंबर 2025 तक बकाया राशि बढ़कर करीब 16.84...
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