जमुई, अप्रैल 13 -- जमुई। कार्यालय संवाददाता होम्योपैथी से कई बीमारियों का सही और सुरक्षित इलाज संभव है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता बीमारी की प्रकृति पर निर्भर करती है। होम्योपैथी का मुख्य सिद्धांत "समरूपता" है, जिसका अर्थ है कि जो पदार्थ स्वस्थ व्यक्ति में बीमारी के लक्षण पैदा कर सकता है, वही पदार्थ सूक्ष्म मात्रा में उसी बीमारी को ठीक भी कर सकता है। उक्त बातें डा. इंदुभूषण सिंह ने डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती के अवसर पर कही। वहीं समारेाह की अध्यक्षता करते हुए डा.परमानंद सिन्हा ने कहा कि होम्योपैथी विशेष रूप से पुरानी और बार-बार होने वाली बीमारियों में बहुत प्रभावी मानी जाती है। एक्जिमा, मस्से, फंगल इंफेक्शन, और सोरायसिस जैसी समस्याओं में इसे काफी सफल माना गया है। वहीं अपने संबोधन में डा. विपिन बिहारी ने कहा कि गैस, एसिडिटी, और कब्ज जैसी पाचन ...