आगरा, मई 30 -- कैंसर समेत कई बीमारियों की जड़ तंबाकू को छोड़ना बहुत मुश्किल है। लेकिन होम्योपैथी से ऐसा हो सकता है। तंबाकू निषेध दिवस पर डॉ.हेमेंद्र विक्रम सिंह ने कारगिल स्थित क्लीनिक पर शिविर लगाकर लोगों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिगरेट, बीड़ी, गुटका, खैनी से शरीर अंदर से खोखला हो जाता है। कैंसर के साथ ह्रदय रोग, श्वसन तंत्र की बीमारियों का कारण बनता है। तंबाकू छोड़ने के बाद विड्रॉल सिम्टम्स के तहत शारीरिक और मानसिक परेशानियां आती हैं। इसमें होम्योपैथी लत को दबाकर रोगी की शारीरिक और मानसिक स्थिति को समझकर तंबाकू की इच्छा को जड़ से कम करने का काम करती है। यह भी पढ़ें- सामाजिक रूप से भी खोखला करता है नशा शिविर में अनिरुद्ध भदौरिया, सुभाष चौधरी, हनुमान प्रसाद, राधेश्याम पचौरी मौजूद थे। यह भी पढ़ें- लोगों को बताएं तम्बाकू के दुष्प...