गया, फरवरी 21 -- यह भ्रांतियां है कि होमियोपैथिक दवा देर से काम करती है। अगर दवा का सही से चयन हो तो यह देर से नहीं जादू जैसा काम करती है। उक्त बातें शनिवार को शहर के रेडक्रॉस भवन में आयोजित दो दिवसीय सांइटिफिक सेमिनार में कोलकाता से आये हुये डॉ. सुभाष सिंह ने कही। मगध होमियोपैथिक मेडिकल एसोसिएशन गया की ओर से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में उन्होंने अपने अनुभव को साझा किया। इस दौरान व एक नहीं कई ऐसे मरीजों के बारे में बताया जो दूसरी जगह से इलाज कराकर थक चुके थे और होमियोपैथ में इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ्य हो गये। उन्होंने एक ऐसे ही मामले की चर्चा करते हुये बताया कि मस्तिष्क के एक खास भाग में चोट लगने के कारण एक व्यक्ति की आवाज चली गयी थी। उन्होंने उसका होमियोपैथ से इलाज किया और उसकी आवाज वापस आ गयी। एक टयूमर का मरीज दिल्ली के बड़े अस्पता...