अलीगढ़, जुलाई 7 -- अलीगढ़। ताला नगरी अलीगढ़ के चारों ओर फैला हाईवे का जाल अब विकास की राह नहीं, बल्कि जिंदगी के लिए 'डेथ ट्रैप' (मौत का जाल) साबित हो रहा है। रात ढलते ही अलीगढ़ से गुजरने वाले तीन प्रमुख नेशनल हाईवे और यमुना एक्सप्रेस-वे हादसों के डार्क जोन में तब्दील हो जाते हैं। 'सड़क सुरक्षा विंग' और स्थानीय यातायात पुलिस के संयुक्त सर्वेक्षणों व सड़क दुर्घटना डेटा (2016-2026) के विश्लेषण से एक बेहद खौफनाक सच सामने आया है। हाईवे पर बिना रिफ्लेक्टर और इंडिकेटर के दौड़ते भारी वाहन, मेन कैरिजवे पर नो-पार्किंग में खड़े डंपर और शॉर्टकट के चक्कर में रॉन्ग साइड दौड़ते कोयला-बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मासूम राहगीरों के लिए काल बन रहे हैं। लोगों के लिए हाईवे का सफर आसान नहीं रहा, खासकर रात में सफर करना बेहद जोखिम भरा हो गया है। हाईवे पर बिना रि...