रणविजय सिंह, फरवरी 14 -- पलूशन के कारण हवा और खानपान के जरिए शरीर में पहुंच रहे भारी धातु मस्तिष्क को प्रभावित कर रहे हैं। इससे सोचने-समझने की क्षमता और याददाश्त कमजोर हो रही है। एम्स दिल्ली के एक शोध के अनुसार, हवा, पानी और भोजन के जरिए लिथियम, एल्युमिनियम और कोबाल्ट जैसे भारी धातु हमारे शरीर में प्रवेश कर रहे हैं। इससे सोचने-समझने की क्षमता और याददाश्त कमजोर हो रही है। वैज्ञानिकों ने पाया कि भूलने की बीमारी (अल्जाइमर) से पीड़ित बुजुर्गों के खून में इन धातुओं का स्तर सामान्य से कहीं अधिक था।60 से अधिक उम्र के लोगों पर अध्ययन एम्स के बायोफिजिक्स विभाग के विशेषज्ञों ने तीन विभागों के डॉक्टरों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर शोध किया। यह शोध जर्नल ऑफ ट्रेस एलिमेंट्स इन मेडिसिन एंड बायोलॉजी में प्रकाशित भी हुआ है। बायोफिजिक्स विभाग की प्रोफेसर डॉ....
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