कानपुर, जनवरी 2 -- हैलट में मरीजों की भरमार से प्रबंधन के सामने बेहतर व्यवस्था देने की चुनौती है। ब्रेन स्ट्रोक, दिमागी बुखार, निमोनिया, सीएलडी समेत कई रोगों के गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन मरीजों को भर्ती होने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए 30 बेड का एक और वार्ड खोला गया है। उप प्राचार्य डॉ रिचा गिरि के अनुसार, मेटरनिटी वार्ड में सभी बेड लगभग फुल हैं। मरीजों को दिक्कत न होने इसलिए 30 बेड के वार्ड को खोला गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को अलग-अलग बीमारियों के 46 मरीज भर्ती किए गए।

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