नई दिल्ली, सितम्बर 19 -- देश के हेल्थकेयर एजुकेशन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानी यूजीसी ने कई एलाइड और हेल्थकेयर कोर्स की डिग्री संरचना में बदलाव को मंजूरी दे दी है। ये नया नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा और इसकी वजह से मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी और मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी जैसे कोर्स करने वाले लाखों छात्रों की डिग्री का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। अब तक ये डिग्रियां जनरल तौर पर दी जाती थीं, लेकिन अब छात्रों को अपनी स्पेशलाइजेशन के हिसाब से अलग पहचान वाली डिग्री मिलेगी। यह बदलाव 27 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र यानी गजट ऑफ इंडिया में नोटिफाई किया गया है और इसे केंद्र सरकार की मंजूरी भी मिल चुकी है। दरअसल यह नोटिफिकेशन 2014 में जारी हुई यूजीसी की डिग्री विनिर्देशन अधिसूचना का पांचवां संशोधन ह...