बरेली, जनवरी 12 -- शहर में बिजली बिल रिवीजन के नाम पर हेराफेरी करके विभाग को लाखों का नुकसान पहुंचाने के आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई है। 144 मामलों में 67 लाख रुपये की हेराफेरी पकड़े जाने के बाद मामले की विस्तृत जांच कराने व कार्रवाई करने की संस्तुति करते हुए पत्राचार मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय को पत्राचार किया गया। एमडी ने मामले में कार्रवाई करने की जगह चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। लाखों रुपये की हेराफेरी पकड़े जाने के बाद भी कोई रिपोर्ट या कार्रवाई न किए जाने पर अब विभागीय उच्च अधिकारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले में कार्रवाई न होने से लोग मुख्यालय स्तर पर भी पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों को बचाने का मामले में प...