बलिया, मई 19 -- रतसर, हिन्दुस्तान संवाद। प्रिया किशोरी ने कहा कि भगवान उसी व्यक्ति को प्राप्त होते हैं, जिसके मन में छल-कपट, राग-द्वेष और भेदभाव नहीं होता है। सलाह दिया कि मनुष्य को सदैव एक-दूसरे की भलाई के बारे में सोचना चाहिए तथा समाज में प्रेम और सद्भाव बनाए रखना चाहिए। जिस व्यक्ति के हृदय में दूसरों के प्रति प्रेम और सेवा की भावना होती है, वहीं भगवान का निवास होता है तथा उसे ही मोक्ष मिलती है। कस्बा स्थित काली मंदिर परिसर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार की शाम प्रवचन करते हुए किशोरी ने श्रद्धालुओं को बताया कि जो लोग दूसरों के प्रति घृणा रखते हैं, हमेशा किसी का नुकसान करने की सोचते हैं, उनका कभी भला नहीं होता। ऐसे लोग जीवनभर परेशान रहते हैं और नरक के भागी बनते हैं। प्रवचन के बीच में भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालु भक्ति भ...