अलीगढ़, दिसम्बर 24 -- अलीगढ़। रवि सक्सेना। महिलाएं अगर चाहें तो क्या नहीं कर सकतीं। इसका जीवंत उदाहरण खादी ग्रामोद्योग, माटी कला प्रदर्शनी में देखने को मिला। महेंद्र नगर की महिला ने अपने हुनर को ही रोजगार का साधन बना लिया। एक बार कदम आगे बढ़ाया तो पीछे मुड़ कर नहीं देखा। बिना किसी दुकान के अपने उत्पाद की ऐसी धाक जमाई कि हर कोई देखता ही रह गया। विदेश से भी आर्डर मिलना शुरु हो गए हैं। महेंद्र नगर निवासी स्वर्णलता सिंह के पति सुधीर कुमार सिंह एडवोकेट हैं। उन्होंने बताया कि पहले वह एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य थीं। उनको शुरु से बुनाई में रुचि थी। उनको अपनी रुचि के अनुसार काम करना ठीक लगा। घर पर रहकर ही सलाई से ऊन से गर्म कपड़े बनाने शुरु कर दिए। घर पर ही लोगों ने आर्डर देना शुरु कर दिया। इसके बाद काम इतना बढ़ा कि प्रधानाचार्या की नौकरी को छ...