बिहारशरीफ, अप्रैल 9 -- हुजूर‌! कैसे पढ़ेगी हमारी मुनिया, निजी में पढ़ाने को पैसे नहीं और सरकारी में शिक्षक ही नहीं रहुई प्रखंड के मिर्जापुर गांव के दर्जनों महादलित परिवार पहलंचे कलेक्ट्रेट, डीएम से लगायी गुहार कस्तूरबा स्कूल की बच्चियां समेत साढ़े तीन सौ विद्यार्थी विद्यालय में आते हैं पढ़ाई करने प्राचार्य ने कहा-शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के लिए कई बार अधिकारियों से लगायी गयी है गुहार फोटो : मिर्जापुर स्कूल : कलेक्ट्रेट में गुरुवार को डीएम कुंदन कुमार को आवेदन सौंपने के बाद मिर्जापुर स्कूल के ग्रामीण। बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता। हुजूर‌! कैसे पढ़ेगी हमारी मुनिया! निजी विद्यालय में पढ़ाने को पैसे नहीं हैं। जबकि, गांव के सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षक ही नहीं हैं। यह क्रंदन व भारी आवाज उन बेबस महादल...