लखनऊ, मई 28 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ ने हुक्का बार संचालन को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए, स्पष्ट किया है कि हुक्का बार चलाने की गतिविधि संविधान के तहत मौलिक अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर व न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने हुक्का बार संचालकों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, यह टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि चूंकि हुक्का बार में तंबाकू और निकोटीन का सेवन होता है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए इसे शराब या जुए की तरह ही व्यापारिक अधिकारों से बाहर रखा जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार के पास जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए ऐसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का पूर्ण अधिकार है। न्यायालय ने याचियो का यह तर्क खारिज कर दिया गया कि हुक्का बार चलाना उनका व्यवसाय करने का अधिकार है। उ...