रांची, अप्रैल 16 -- रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड में हीमोफीलिया के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 1050 लोग इस आनुवंशिक बीमारी (जेनेटिक डिसऑर्डर) की चपेट में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया बाधित होती है। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या को दो वर्गों में बांटा गया है। 'हीमोफीलिया ए' में करीब 900 और 'हीमोफीलिया बी' से 150 मरीज प्रभावित हैं। यह मुख्यतः एक आनुवंशिक बीमारी है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि 25% मामलों में कोई जेनेटिक इतिहास नहीं पाया जाता, जो बदलती जीवनशैली या नए म्यूटेशन का संकेत माना जा सकता है। यह भी पढ़ें- बेटी के मुकाबले बेटों को हीमोफीलिया का खतरा ज्यादा बता दें कि विश्व हीमोफीलिया दिवस ह...