पटना, मार्च 29 -- राज्य में हीट वेव के संभावित खतरे को देखते हुए इससे बचाव के लिए जिला स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीम को सक्रिय हो गई हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत इलाज सुनिश्चित हो सके। जिलों में अस्पताल की क्षमता के अनुसार हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए कम-से-कम पांच डिडिकेटेड बेड की व्यवस्था, पर्याप्त दवाइयां, ओआरएस, आइस पैक, ठंडा पानी, एंटी डायरियल ड्रग्स, पंखा, कूलर और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे। साथ ही सभी प्रखंड स्तरीय अस्पतालों में ये व्यवस्थाएं सुनिश्चित होंगी। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने रविवार को कहा कि राज्य में बढ़ती गर्मी और हीट वेब के संभावित खतरे को देखते हुए ने विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू की है। जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान से हीट संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ा है। जिसमें डिहाईड्रेशन, सिरदर्द, लू, हीट क्रै...