धनबाद, अप्रैल 4 -- मेडिकल साइंस नित्स नई ऊंचाइयों को छू रहा है। बात चाहे सर्जरी की हो या जांच की, एक से बढ़कर एक उपकरण आ चुके हैं। बावजूद धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल का पैथोलॉजी विभाग हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए मानव शरीर से लिए गए टिश्यू (ऊतकों) को बिजली के हीटर पर तसली में उबालकर उसकी जांच कर रहा है। यह कहना है पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ राजकुमार सिंह का। डॉ सिंह हिस्टोपैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन के आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट कर रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि हिस्टोपैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट 10-15 दिन की बजाय एक महीने या उससे भी अधिक समय में जा रही है, लेकिन इसका कारण विभाग की अक्षमता नहीं, संसाधन की कमी है। उनकी लैब में टिश्यू प्रोसेसर, टिश्यू इंबेंडिंग, टिश्यू स्टेनिंग आदि की जां...