नवादा, फरवरी 19 -- हिसुआ। उदय कुमार सिन्हा नवादा जिले की लाइफलाइन कही जाने वाली हिसुआ-नवादा मुख्य मार्ग एसएच-8 इन दिनों अपने सुगम सफर के लिए कम और सड़कों पर बिखरते खून व चीख-पुकार के लिए ज्यादा चर्चा में है। यह सड़क जो विकास का मार्ग होनी चाहिए थी, अब हादसों का ब्लैक स्पॉट बनती जा रही है। बढ़ते वाहनों का दबाव और संकरी सड़क के बीच का असंतुलन आए दिन परिवारों को उजाड़ रहा है। हिसुआ-नवादा मार्ग केवल दो शहरों को जोड़ने वाली सड़क नहीं है, बल्कि यह जिले के आर्थिक और सामाजिक ढांचे की रीढ़ है। यह मार्ग हिसुआ के साथ-साथ नरहट, सिरदला और मेसकौर जैसे प्रखंडों के लाखों लोगों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है। इसके महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह एक तरफ बोधगया-राजगीर फोरलेन एनएच-82 को टच करती है, तो दूसरी तरफ पटना-रांची मुख्य मार्ग और नवादा-देवघर म...