नई दिल्ली, अगस्त 31 -- नेपाल में ग्लेशियर-चट्टान के गिरने से नदी में आई जलप्रलय से पैदा हुई ऊर्जा हिरोशिमा में गिराए गए परमाणु बम से पैदा हुई ऊर्जा से भी ज्यादा थी। यह कहना है काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर डिजास्टर स्टडीज के डायरेक्टर बसंत राज अधिकारी का। उन्होंने कहा कि वह इस आपदा से हैरान नहीं हैं, लेकिन यह आपदा उनके शोध करियर की अब तक की सबसे बड़ी है। बसंत राज अधिकारी हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं और बाढ़ के खतरे के विशेषज्ञ हैं।चमोली की आपदा से मेल अधिकारी ने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि यह आपदा कैसे हुई। उन्होंने बताया कि उस क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ से नीचे गिरा, नदी तक पहुंचा, पिघलकर पूरी तरह पानी में बदल गया और इसके बाद पानी का एक विशाल प्रवाह नीचे की ओर चला। यह घटना उत्तराखं...