अलीगढ़, फरवरी 28 -- अलीगढ़। अलबरकात स्कूल में कक्षा छह में पढ़नी वाली मायेशा हसन ने पहली बार रोजा रखा। हिम्मत से उनका पहला रोजा पूरा हुआ। कहा कि अल्लाह के फज्ल व करम से मेरा पहला रोज़ा मुकम्मल हुआ। बताया कि दिन की शुरुआत सहरी से हुई और मैने उत्साह के साथ रोज़ा रखने का इरादा किया। दिन में थोड़ी प्यास जरूर लगी और कभी-कभी कमजोरी भी महसूस हुई, लेकिन अल्लाह की मोहब्बत और रमज़ान की बरकत ने मुझे हिम्मत दी। मैंने नमाज़ पढ़ी, कुरआन शरीफ़ की तिलावत की और दुआ की कि अल्लाह मेरा पहला रोज़ा कबूल फरमाए। जब इफ्तार का वक्त आया तो दिल में एक अलग ही सुकून और खुशी थी। परिवार के लोगों ने इसके लिए हौसला बढ़ाया।
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