मथुरा, अप्रैल 11 -- यमुना में जिस नाव के डूबने से 10 लोगों की मौत हो गई, उसमें लुधियाना का लवी कालड़ा भी सवार था। लवी कालड़ा तैरना नहीं जानता था लेकिन हिम्मत नहीं हारी और हाथ-पांव मारते हुए ऊपर आ गया, जिसे बाद में बचाव दल ने बचा लिया। हादसे में स्वंय के बच जाने पर लवी ईश्वरीय चमत्कार मान रहा है। लवी ने बताया कि करीब 132 लोगों का दल लुधियाना से गुरुवार को ब्रज यात्रा पर निकला था। यहां आने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे इस दल के काफी लोग केसी घाट पहुंचे और यहां से मोटरवोट द्वारा देवराह बाबा घाट तक जाने का प्लान बना। लोग एक नाव में बैठे तो उसमें संख्या ज्यादा हो गयी। ऐसे में उसी मोटरवोट वाले ने एक छोटी नाव मंगायी, जिसमें छह लोग सवार हो गये। दोनों नावें चल दीं। पांटून पुल के पास पहुंचने पर आगे जाने का रास्ता इतना नहीं था कि जिस मोटरवोट में वह बैठा...