शिमला, अगस्त 30 -- नेपाल में हिमनद के टूटने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 781 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि 2,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इस बीच हिमाचल प्रदेश में भी 67 संवेदनशील ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई है। इनमें से कई ऊंचाई वाले इलाकों में मौजूद हैं। इनके फटने से नेपाल जैसी जल प्रलय आने का खतरा है। हिमाचल प्रदेश सरकार खासकर किन्नौर और लाहौल-स्पीति की चार सबसे खतरनाक झीलों में अर्ली वॉर्निंग सिस्टम लगाने पर काम कर रही है। हालांकि नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण यह एक तकनीकी चुनौती है।रियल-टाइम डेटा के लिए तलाशी जा रही तकनीक हिमाचल प्रदेश सरकार के डिजास्टर मैनेजमेंट के स्पेशल सेक्रेटरी पुष्पिंदर राणा ने शनिवार को बताया कि राज्य सैटेलाइट इमेजरी और दूसरे साइंटिफिक डेटा के जरिए पहचानी गई झीलों पर नजर रखी जा रही है ताकि उ...