शिमला, अप्रैल 1 -- हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से नौकरी की सुरक्षा और स्थायी अनुबंध की मांग कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार कोई अलग नीति बनाने नहीं जा रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक लिखित जवाब में दी। सरकार के इस रुख से प्रदेश के करीब 13 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों की उम्मीदों को झटका लगा है। विधानसभा में भाजपा विधायक प्रकाश राणा और डॉक्टर जनक राज द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्स आधार पर नियुक्त कर्मचारी सरकार के नियमित कर्मचारी नहीं होते हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए अलग से नौकरी सुरक्षा या दीर्घकालिक संविदा नीति बनाने का फिलहाल सरकार का कोई विचार नहीं है। यह भी पढ़ें- हिमाचल में एंट्री टैक्स में इजाफे का फैसला पलटना प...