शिमला, मई 1 -- हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर स्थिति साफ हो गई है। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत जारी प्रावधानों और समय-समय पर जारी सरकारी अधिसूचनाओं के आधार पर यह तय किया गया है कि किन श्रेणियों के लोग चुनाव लड़ सकते हैं और किन्हें इससे बाहर रखा जाएगा। खास बात यह है कि कुछ वर्गों के लिए चुनावी रास्ता पूरी तरह खुला रखा गया है, जिससे ग्रामीण स्तर पर राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नियमों के अनुसार, आउटसोर्स कर्मचारी, डिपो होल्डर, कृषक मित्र, होम गार्ड और लंबरदार पंचायत चुनाव लड़ने के लिए पात्र माने गए हैं। इसके साथ ही वनाधिकार कानून 2006 (FRA) के तहत नियमितीकरण के लिए आवेदन करने वाले लोगों को भी राहत दी गई है और उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई है। इन श्रेणियों के लिए...